paroles de chanson / गजेंद्र प्रताप सिंघ parole / Shiv Ka Das lyrics  | ENin English

Paroles de Shiv Ka Das

Interprètes गजेंद्र प्रताप सिंघRavindra Pratap SinghNikhar Juneja

Paroles de la chanson Shiv Ka Das par गजेंद्र प्रताप सिंघ lyrics officiel

Shiv Ka Das est une chanson en Hindi

मन के बहकावे में ना आ
मन के बहकावे में ना आ
इस मन को शिव का दास बना ले
शिव का दास बने जो प्राणी
वह हर प्राणी को हृदय से लगाये
शिव का दास बने जो प्राणी
वह हर प्राणी को हृदय से लगाये

मन है शरीर के रथ का सारथी
मन है शरीर के रथ का सारथी
मन को चाहे जिधर ले जाये
जिसके मन में बसता शिवाय
वह मन के रथ से अनंत को जाये
जिसके मन में बसता शिवाय
वह मन के रथ से अनंत को जाये

आत्मा और शरीर के मध्य में
आत्मा और शरीर के मध्य में
यह मन अपने खेल दिखाये
जो इस मन में शिव को बसाये
वो मन को करे वश में
योगी हो जाये
जो इस मन में शिव को बसाये
वो मन को करे वश में
योगी हो जाये
मन के बहकावे में ना आ
इस मन को शिव का दास बना ले
शिव का दास बने जो प्राणी
वह हर प्राणी को हृदय से लगाये
शिव का दास बने जो प्राणी
वह हर प्राणी को हृदय से लगाये
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